मां और मौसी ने मिलकर की प्रेमी की हत्या, दरवाजे के छेद से बेटी ने देखी पूरी वारदात (UP) :

हत्या के बाद आत्महत्या का रूप देने की रची गई साजिश, लेकिन दरवाजे के छेद से देखी गई वारदात और सीसीटीवी फुटेज ने खोल दिया पूरा राज।
हाल के दिनों में महिलाओं की संलिप्तता वाले हत्या के मामलों में बढ़ोतरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंध, अवैध रिश्ते और आपसी रंजिश जैसी वजहों से सामने आ रहे ऐसे अपराध समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे के कारणों को समझने और सामाजिक स्तर पर समाधान तलाशने की आवश्यकता है।

इंट्रो
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र में सामने आया जाकिर हत्याकांड रिश्तों के अंधेरे और विश्वासघात की एक ऐसी कहानी बन गया, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। करीब एक दशक तक चले प्रेम संबंध का अंत इतनी निर्ममता से होगा, शायद किसी ने नहीं सोचा था। हत्या को आत्महत्या साबित करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन एक मासूम बेटी की आंखों ने वह सच देख लिया, जिसने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
23 जून को मिली लाश, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी जांच की दिशा
23 जून को ट्रोनिका सिटी की पूजा कॉलोनी स्थित मकान में जाकिर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत कराया गया, लेकिन अगले दिन आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस की पूरी जांच का रुख बदल दिया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जाकिर की मौत गला दबाने से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच तेज कर दी।
सीसीटीवी फुटेज और बेटी की गवाही से खुला हत्या का राज
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। फुटेज में जाकिर की प्रेमिका किरण घटना के समय उसके घर आती-जाती दिखाई दी। उसके साथ उसकी बेटी भी घर के बाहर मौजूद थी। पूछताछ के दौरान किरण बार-बार अपने बयान बदलती रही, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया।
इसके बाद पुलिस ने किरण की 14 वर्षीय बेटी से बात की। बच्ची ने जो बताया, उसने पूरे मामले का सच सामने ला दिया। उसने बताया कि वह दरवाजा खुलवाने पहुंची थी, लेकिन अंदर से कुंडी लगी थी। दरवाजे में बने छोटे-छोटे छेद से झांकने पर उसने अपनी मां और मौसी को जाकिर पर हमला करते हुए देखा।
पहले सिर पर हमला, फिर गमछे से घोंट दिया गला
पुलिस जांच के अनुसार, दोनों बहनों ने पहले डंडे से जाकिर के सिर पर कई वार किए, जिससे वह अचेत हो गया। इसके बाद गमछे से उसका गला कसकर हत्या कर दी गई। हत्या पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई थी, ताकि किसी को शक न हो।

आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी हुई नाकाम
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि हत्या के बाद शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की योजना बनाई गई थी। हालांकि जाकिर का वजन अधिक होने के कारण दोनों शव को फंदे पर नहीं लटका सकीं। इसके बाद गमछा उसके गले में लपेटकर शोर मचाया गया कि उसने आत्महत्या कर ली है। इतना ही नहीं, किरण ने खुद जाकिर के भाई को फोन कर मौत की सूचना दी, ताकि किसी को हत्या का संदेह न हो।
हत्या की क्या थी वजह ?
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में किरण ने बताया कि जाकिर उसे अपने पति धर्मवीर के पास वापस नहीं जाने देता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि जाकिर उसकी किशोर बेटी पर गलत नजर रखता था। इन्हीं कारणों से वह लंबे समय से परेशान थी। करीब 15 दिन पहले उसने अपनी बहन कशिश को बुलाकर जाकिर की हत्या की योजना बनाई।
बच्चों को बाहर भेजकर दिया वारदात को अंजाम
घटना वाले दिन किरण ने अपने बच्चों को घूमने भेजने के बहाने कैब में बैठा दिया। इसके बाद वह जाकिर के घर पहुंची, जहां उसकी बहन पहले से मौजूद थी। दोनों ने मिलकर पहले से तय योजना के अनुसार हत्या को अंजाम दिया। लेकिन बड़ी बेटी के अचानक दरवाजे तक पहुंच जाने से वह पूरी घटना की प्रत्यक्षदर्शी बन गई।
10 साल पुराने प्रेम संबंध का दर्दनाक अंत
जांच में सामने आया कि मूल रूप से रामपुर निवासी जाकिर शादीशुदा था और उसके छह बच्चे हैं। उसकी पत्नी रामपुर में रहती है। दूसरी ओर किरण भी विवाहित है और उसका पति धर्मवीर नोएडा के दनकौर में मजदूरी करता है। बताया गया कि जाकिर और किरण के बीच लगभग 10 वर्षों से प्रेम संबंध थे। नवंबर 2025 से किरण जाकिर के साथ रह रही थी और उसी के पास किराये के मकान में रहती थी।
चार्जशीट की तैयारी में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और सबसे अहम 14 वर्षीय बेटी की गवाही मजबूत साक्ष्य हैं। सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के बाद जल्द ही अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि जांच में जुटाए गए सबूत इस हत्याकांड की पूरी साजिश को अदालत के सामने स्पष्ट रूप से साबित करेंगे।







