अयोध्या के श्री राम मंदिर चंदा विवाद ने पकड़ा तूल, महासचिव चंपत राय पर आरोपों की गूंज

महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, जानिए कौन हैं चंपत राय :
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बताया जाता है कि पहले दोनों नेताओं से स्वेच्छा से पद छोड़ने का आग्रह किया गया, लेकिन ऐसा नहीं होने पर उन्हें स्पष्ट संदेश दिया गया। इसके बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब ट्रस्ट के पुनर्गठन और चढ़ावा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
अनिल मिश्रा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी रहे । मंदिर निर्माण से जुड़े कई प्रशासनिक और ट्रस्ट संबंधी कार्यों में उनकी भूमिका रही। चढ़ावा मामले में नाम सामने आने के बाद उन्होंने भी ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया।
चंपत राय नौकरी छोड़ संघ से जुड़े
वर्ष 1980-81 में प्रवक्ता पद से इस्तीफा देकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का पूर्णकालिक कार्यकर्ता बनने का फैसला किया। इसके बाद वे श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
आपातकाल में 18 महीने तक जेल में रहे
देश में आपातकाल (1975-77) के दौरान चंपत राय को गिरफ्तार किया गया था उस समय चंपत राय आरएसएम कॉलेज धामपुर में प्रवक्ता थे। और वे करीब 18 महीने तक जेल में रहे
परिवार और समर्थकों ने बताया ईमानदार
चंपत राय के भाई सुनील बंसल ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि चंपत राय ने जीवनभर व्यक्तिगत लाभ नहीं लिया और राम मंदिर आंदोलन तथा सामाजिक कार्यों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके भाई सुनील बंसल ने बताया कि चंपत राय बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थे और बाद में अध्यापन छोड़कर सामाजिक जीवन में सक्रिय हो गए।
ट्रस्ट के पुनर्गठन की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार और संघ परिवार अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की तैयारी में हैं। साथ ही चढ़ावे की व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता लाने और ट्रस्ट की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए नए कदम उठाए जा सकते हैं। मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होने की संभावना है।







