
रायपुर, 31 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब रायपुर में भी छात्र संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए तथा छात्रों से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय की जाए।

अंबेडकर चौक बना प्रदर्शन का केंद्र
रायपुर के अंबेडकर चौक पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और राज्य सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं—
- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाई जाए।
- प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
- परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाया जाए।
- छात्रों से जुड़े मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
- राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग।
आंदोलन का कारण
छात्र संगठनों का कहना है कि हाल के समय में देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों का असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है। उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इसी को लेकर रायपुर में लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आगे क्या?
फिलहाल आंदोलन जारी है। यदि सरकार और छात्र संगठनों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन का दायरा बढ़ सकता है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।







