Google Data Centre: विशाखापट्टनम में ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट पर पानी और पर्यावरण की चिंता, जानिए पूरा मामला

विशाखापट्टनम, 8 अगस्त 2026: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में Google के प्रस्तावित बड़े AI Data Centre Project को लेकर विकास के साथ-साथ पर्यावरण और पानी से जुड़ी चिंताएं भी सामने आई हैं। Google ने इस परियोजना के लिए करीब 15 अरब डॉलर (2026–2030) के निवेश की घोषणा की है। यह भारत में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश बताया गया है।
परियोजना पर निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है, लेकिन पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय समूहों ने इसके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाए हैं। Reuters के अनुसार चिंता मुख्य रूप से पानी की उपलब्धता और आसपास के वन्यजीव क्षेत्र को लेकर है।

पानी को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?
विशाखापट्टनम क्षेत्र पहले से ही पानी की उपलब्धता को लेकर दबाव में है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय स्तर पर प्रतिदिन करीब 7 करोड़ लीटर पानी की कमी बताई गई है। ऐसे में इतने बड़े डेटा सेंटर के लिए पानी की व्यवस्था को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि परियोजना क्षेत्र के आसपास मौजूद जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इस मामले को लेकर कानूनी चुनौती भी सामने आई है।
हालांकि, आंध्र प्रदेश सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि परियोजना के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।
वन्यजीवों पर भी चिंता
परियोजना को लेकर दूसरी बड़ी चिंता Kambalakonda Wildlife Sanctuary के आसपास के पर्यावरण को लेकर है। Reuters के अनुसार इस क्षेत्र में तेंदुए और पैंगोलिन जैसी वन्यजीव प्रजातियां पाई जाती हैं।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि बड़े स्तर के निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों से आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ सकता है। इन चिंताओं को लेकर विरोध और कानूनी कार्रवाई भी हुई है।
Google का क्या कहना है?
Google ने Reuters को बताया कि परियोजना में advanced air-cooling technology का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका उद्देश्य स्थानीय जल संसाधनों पर प्रभाव को कम करना है। कंपनी ने यह भी कहा है कि परियोजना लागू कानूनों और पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप विकसित की जाएगी।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि परियोजना से पर्यावरण को नुकसान होना तय है। फिलहाल पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर चिंताएं और आरोप सामने आए हैं, जबकि कंपनी और सरकार ने इन चिंताओं पर अपना पक्ष रखा है।

कितना बड़ा है Google का प्रोजेक्ट?
Google ने अक्टूबर 2025 में विशाखापट्टनम में अपने पहले भारत AI Hub के लिए करीब 15 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। यह निवेश 2026 से 2030 के बीच किया जाना है। परियोजना में बड़े पैमाने का डेटा सेंटर, सबमरीन केबल कनेक्टिविटी और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ा बुनियादी ढांचा शामिल है।
अप्रैल 2026 में इस परियोजना के निर्माण चरण की शुरुआत हुई। Google के अनुसार इसका उद्देश्य भारत की बढ़ती AI और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराना है।

रोजगार और विकास की उम्मीद
परियोजना को आंध्र प्रदेश के लिए बड़े निवेश और तकनीकी विकास के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। सरकारी जानकारी के अनुसार इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार तथा बिजली, नेटवर्किंग, कूलिंग और अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
यानी एक तरफ यह परियोजना AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और रोजगार के लिहाज से बड़ी संभावना है, तो दूसरी तरफ पानी और पर्यावरण को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान करना भी जरूरी है








