India Forex Reserve: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 692.9 अरब डॉलर पहुंचा, छह महीने में सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त

नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 जुलाई 2026 तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 692.9 अरब डॉलर हो गया। यह करीब तीन महीने का उच्च स्तर है। Reuters के मुताबिक एक सप्ताह में भारत के रिजर्व में 10.5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई, जो छह महीने में सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि है।

विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों हुई बढ़ोतरी?
इस बढ़ोतरी में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विदेशी मुद्रा जुटाने वाली पहल की अहम भूमिका रही। जून में शुरू किए गए FCNR(B) डिपॉजिट अभियान के तहत 31 जुलाई तक करीब 36.7 अरब डॉलर जुटाए गए थे। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिली।
विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब भारतीय रुपये पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों का दबाव बना हुआ है। मजबूत रिजर्व RBI को रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त क्षमता देता है।

रुपये के लिए भी राहत
विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने के साथ रुपये को भी हाल में कुछ मजबूती मिली है। Reuters के अनुसार 31 जुलाई तक रुपये ने डॉलर के मुकाबले 95.17 का स्तर हासिल किया था। हालांकि मुद्रा बाजार में आगे भी वैश्विक परिस्थितियों और डॉलर की मांग का असर बना रह सकता है।

700 अरब डॉलर के करीब पहुंचा भारत
692.9 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार भारत को 700 अरब डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के करीब ले आया है। हालांकि 700 अरब डॉलर का आंकड़ा अभी पार नहीं हुआ है। इसलिए इसे “भारत का Forex Reserve 700 अरब डॉलर पार” कहना गलत होगा।
निष्कर्ष
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 31 जुलाई 2026 तक 692.9 अरब डॉलर पहुंचना अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। रिजर्व में मजबूत बढ़ोतरी से बाहरी वित्तीय झटकों से निपटने की भारत की क्षमता मजबूत होती है। हालांकि वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमत और रुपये की चाल आगे भी महत्वपूर्ण कारक बने रहेंगे।







