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विदेशी सामान पर भारत की बड़ी कार्रवाई: जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर सख्त नियम, DGFT ने जारी की नई नीति

15 जुलाई 2026

भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और श्रमिक अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत जबरन श्रम (Forced Labour) से तैयार किए गए सामान के आयात पर रोक लगाने के लिए नया कानूनी प्रावधान लागू किया है। इस संबंध में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 13 जुलाई 2026 को अधिसूचना संख्या 23/2026-27 जारी करते हुए Foreign Trade Policy (FTP) 2023 में नया पैरा 2.20B जोड़ा है। यह व्यवस्था अधिसूचना जारी होने के 30 दिन बाद प्रभावी होगी।

क्या बदला?

नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी आयातित उत्पाद के बारे में यह प्रमाणित होता है कि उसका निर्माण पूरी तरह या आंशिक रूप से जबरन श्रम के माध्यम से किया गया है, तो केंद्र सरकार उसके आयात पर प्रतिबंध लगा सकेगी। इसके लिए पहले संबंधित मामले की जांच की जाएगी और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

FTP 2023 में नया प्रावधान

सरकार ने इस बदलाव को Foreign Trade Policy 2023 का हिस्सा बनाया है। नए प्रावधान के तहत जांच की प्रक्रिया, साक्ष्यों का परीक्षण और आवश्यक परामर्श के बाद ही किसी उत्पाद के आयात पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य आयात व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के अनुरूप बनाना है।

यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?

हाल के समय में वैश्विक स्तर पर जबरन श्रम से बने उत्पादों को लेकर निगरानी बढ़ी है। कई देश ऐसे उत्पादों पर सख्त नियम लागू कर चुके हैं। भारत का यह कदम भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार में श्रम मानकों के अनुपालन और जिम्मेदार व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कब से लागू होगी व्यवस्था?

DGFT की अधिसूचना के अनुसार यह नया प्रावधान अधिसूचना जारी होने के 30 दिन बाद प्रभावी होगा। यानी यह तत्काल सभी आयातों पर प्रतिबंध नहीं लगाता, बल्कि सरकार को ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई का अधिकार प्रदान करता है।

अधिसूचना जारी: 13 जुलाई 2026 प्रभावी होने की तारीख:12 अगस्त 2026 (30 दिन बाद)

निष्कर्ष

भारत सरकार का यह निर्णय वैश्विक व्यापार में पारदर्शिता और श्रमिक अधिकारों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि किसी आयातित उत्पाद में जबरन श्रम का प्रमाण मिलता है, तो उसके आयात पर कानूनी रूप से प्रतिबंध लगाया जा सकेगा।

Buland Chhattisgarh

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