PM ने ‘मन की बात’ में की कोरबा के जल संरक्षण मॉडल की सराहना, ISRO तकनीक से बढ़ा भूजल स्तर

रायपुर/कोरबा | 28 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नवीनतम संस्करण में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में चल रहे जल संरक्षण अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर किए गए जल प्रबंधन के प्रयास अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से “कैच द रेन” (Catch the Rain) अभियान के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया। इस परियोजना में ISRO की सैटेलाइट एवं जियोस्पेशियल तकनीक का उपयोग कर वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान की गई।

क्या है परियोजना की खासियत?
- ISRO के तकनीकी सहयोग से भूजल रिचार्ज के लिए संभावित क्षेत्रों की मैपिंग की गई।
- जल संरक्षण संरचनाओं का वैज्ञानिक तरीके से निर्माण कराया गया।
- वर्षा जल के बेहतर संचयन से कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया।
- अभियान का उद्देश्य पानी की उपलब्धता बढ़ाना और भविष्य के जल संकट को कम करना है।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन, तकनीकी संस्थानों और नागरिकों की साझेदारी से जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कोरबा के प्रयासों को देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणादायक बताया।

प्रशासन का कहना
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, परियोजना के तहत जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और वैज्ञानिक योजना से वर्षा जल का बेहतर उपयोग संभव हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दीर्घकालिक परिणामों की लगातार निगरानी की जा रही है।







