CGPSC भर्ती घोटाले में ED का बड़ा एक्शन: पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी 7 दिन की रिमांड पर, रिश्तेदारों की भर्ती की भी जांच

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व CGPSC अध्यक्ष और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी को हिरासत में लिया है। विशेष अदालत ने उन्हें 31 जुलाई 2026 तक 7 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।

ED के आरोप क्या हैं?
ED का आरोप है कि: CGPSC राज्य सेवा परीक्षा की चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ हुईं। जांच में कथित तौर पर परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर और पेपर लीक के पहलुओं की जांच की जा रही है। ED का दावा है कि सोनवानी के कार्यकाल के दौरान उनके कुछ रिश्तेदारों को कथित रूप से डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे पदों पर चयनित कराया गया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और भर्ती घोटाले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच का हिस्सा है।

मामला पहले से किन एजेंसियों के पास था?
- इस भर्ती घोटाले की आपराधिक जांच पहले से CBI कर रही है। ED अब उसी मामले के आर्थिक और मनी लॉन्ड्रिंग पहलुओं की अलग से जांच कर रही है। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने टामन सिंह सोनवानी की जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपों को गंभीर माना था।
क्या साबित हुआ है?
अभी तक अदालत ने किसी को दोषी घोषित नहीं किया है। ED ने गिरफ्तारी और रिमांड प्राप्त की है। जांच जारी है। अंतिम दोष या निर्दोष होने का निर्णय केवल न्यायालय के अंतिम फैसले के बाद ही माना जाएगा।




