सीएमएचओ पर लगे गंभीर आरोपों की जांच तेज, राज्यपाल सचिवालय और रेडक्रॉस मुख्यालय ने लिया संज्ञान

एमसीबी।
मनेन्द्रगढ़। एमसीबी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अविनाश खरे के खिलाफ लगाए गए विभिन्न आरोपों के मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के प्रदेश प्रतिनिधि एवं अधिवक्ता रामनरेश पटेल द्वारा राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन के बाद अब राज्यपाल सचिवालय तथा भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा ने इस मामले का संज्ञान लिया है।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में सीएमएचओ पर कुल 10 बिंदुओं में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमित नियुक्तियां, रेडक्रॉस सोसायटी के कार्यों में गड़बड़ी, अस्पतालों में अव्यवस्था, उपकरणों की खराब स्थिति, खरीद प्रक्रियाओं में अनियमितता, स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधनों की कमी, मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर भेजे जाने तथा सरकारी आवासों के दुरुपयोग जैसे आरोप शामिल हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में कार्रवाई नहीं होती है तो 18 अगस्त 2026 को रेडक्रॉस भवन, रायपुर के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
दस्तावेजों के अनुसार, राज्यपाल सचिवालय ने 23 जुलाई 2026 को इस ज्ञापन को भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा को आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रेषित किया। इसके बाद 27 जुलाई 2026 को राज्य रेडक्रॉस सोसायटी ने भी संबंधित प्रकरण को कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा एमसीबी को उचित कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या जांच करता है और आरोपों पर क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।






