दरभंगा AIIMS का ‘गेट’ क्यों बना देशभर में चर्चा का विषय? जानिए पूरा मामला, क्या सचमुच हुआ कोई घोटाला?

दरभंगा।
बिहार के प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दरभंगा का मुख्य प्रवेश द्वार (Main Gate) पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कई पोस्ट और वीडियो में इसे “दरभंगा गेट स्कैम” या “AIIMS Gate Scam” कहा जा रहा है। हालांकि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अब तक किसी जांच एजेंसी या अदालत ने इस परियोजना को “घोटाला” घोषित नहीं किया है। इसलिए इसे कानूनी रूप से “स्कैम” कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।

परियोजना की शुरुआत कब हुई?
दरभंगा में बिहार के दूसरे AIIMS की घोषणा वर्ष 2015 के केंद्रीय बजट में की गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने सितंबर 2020 में परियोजना को मंजूरी दी। भूमि चयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अन्य कारणों से निर्माण कार्य में लगातार देरी होती रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 नवंबर 2024 को परियोजना का शिलान्यास किया।
आखिर ‘गेट’ ही चर्चा का विषय क्यों बना?
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में AIIMS परिसर में मुख्य रूप से एक बड़ा प्रवेश द्वार दिखाई देता है, जबकि अस्पताल भवन, मेडिकल कॉलेज और अन्य प्रमुख संरचनाओं का निर्माण अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका। इसी वजह से लोगों ने व्यंग्यात्मक रूप से इसे “AIIMS Gate” और “दरभंगा गेट” कहकर साझा करना शुरू कर दिया। बाद में कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे “गेट स्कैम” नाम देना शुरू कर दिया, लेकिन यह नाम किसी आधिकारिक जांच या सरकारी दस्तावेज़ का हिस्सा नहीं है।
RTI से क्या जानकारी सामने आई?
एक आरटीआई के जवाब में परियोजना का कार्य देख रही सरकारी कंपनी HSCC (India) Ltd. ने बताया कि मुख्य प्रवेश द्वार के लिए कोई अलग टेंडर या अलग स्वीकृति पत्र जारी नहीं किया गया था। कंपनी के अनुसार, परियोजना का कार्य अभी भी प्रक्रियाधीन है। इस खुलासे के बाद परियोजना की प्रगति और योजना को लेकर नए सवाल जरूर उठे, लेकिन इससे किसी वित्तीय घोटाले की पुष्टि नहीं होती।
क्या निर्माण कार्य पूरी तरह रुका हुआ है?
बिहार सरकार और केंद्र सरकार समय-समय पर परियोजना की समीक्षा करती रही हैं। वर्ष 2026 में मुख्य सचिव स्तर पर भी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई और लंबित प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा केंद्र सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ₹700 करोड़ की मंजूरी भी दी है।
क्या ‘दरभंगा गेट स्कैम’ कहना सही है?
- किसी अदालत ने इस परियोजना में घोटाला घोषित नहीं किया है।
- CBI, ED या CAG की कोई सार्वजनिक रिपोर्ट इस परियोजना को “स्कैम” नहीं बताती।
निष्कर्ष
दरभंगा AIIMS परियोजना स्वास्थ्य क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण योजना है, लेकिन वर्षों की देरी के कारण यह लगातार चर्चा में रही है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने इसे राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। फिलहाल परियोजना निर्माणाधीन है और सरकार का कहना है कि कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है







