रायपुर उरला फैक्ट्री ब्लास्ट पर NHRC सख्त, छत्तीसगढ़ सरकार से दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट”

रायपुर | 14 जुलाई 2026
रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में हुए फैक्ट्री विस्फोट मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस घटना का स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लेते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी फैक्ट्री में 8 जुलाई को हुए भीषण विस्फोट में तीन श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य कर्मचारी घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में विस्फोट की वजह ऑक्सीजन सिलेंडर फटना बताई गई है, हालांकि वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए फोरेंसिक और तकनीकी जांच जारी है। हादसे के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया और उत्पादन गतिविधियां रोक दी गईं।
NHRC ने क्यों लिया संज्ञान?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि यदि मीडिया में प्रकाशित तथ्य सही हैं, तो यह मामला श्रमिकों के जीवन और सुरक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है। इसी आधार पर आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
सरकार से क्या मांगी गई जानकारी?
NHRC ने अपनी नोटिस में राज्य सरकार से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है—
- हादसे के वास्तविक कारणों की जानकारी।
- घायल श्रमिकों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति।
- मृतकों के परिजनों और घायलों को दी गई आर्थिक सहायता या मुआवजे का विवरण।
- घटना के बाद की गई प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाए गए सुरक्षा कदम।
जांच कई स्तरों पर जारी
हादसे के बाद पुलिस, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग तथा फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण किया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। श्रमिक संगठनों ने फैक्ट्रियों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, उपकरणों की समय-समय पर जांच और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की है। NHRC की दखल के बाद इस मामले की निगरानी अब राष्ट्रीय स्तर पर भी होगी।



