छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग में बड़ा खेल: सचिव की ‘मेहरबानी’ से भ्रष्ट अफसरों के हौसले बुलंद, पहली ही बारिश में ढह गया करोड़ों का एनीकट!
रायपुर: छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग में भ्रष्टाचार और अफसरों की साठगांठ का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विभाग के भीतर चल रहे इस ‘खेल’ ने न सिर्फ सरकारी खजाने को चूना लगाया है, बल्कि राज्य सरकार की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सचिव राजेश टोप्पो पर गंभीर आरोप, फाइलें दबाने का खेल!

ताजा जानकारी के अनुसार, विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो की विशेष ‘मेहरबानी’ बरस रही है। सूत्रों और आरोपों के मुताबिक, मोटी रकम लेकर दागी अफसरों की फाइलें दबाने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। इतना ही नहीं, पर्दे के पीछे से सरकार के मुखिया को बदनाम करने की एक बड़ी प्लानिंग भी रची जा रही है, ताकि खुद के भ्रष्टाचार को छुपाया जा सके।
भ्रष्टाचार की ‘चाशनी’ में डूबी हरदीडीह एनीकट पहली ही बारिश में ध्वस्त।
भ्रष्टाचार का सबसे जीता-जागता और खौफनाक नमूना ‘हरदीडीह एनीकट’ के रूप में सामने आया है। एक भ्रष्ट ठेकेदार द्वारा बनाए गए इस एनीकट का निर्माण इतने घटिया स्तर का था कि मानसून की पहली ही बारिश का दबाव यह झेल नहीं सका।हालत यह है कि करोड़ों की लागत से बना हरदीडीह एनीकट पहली ही बरसात में ताश के पत्तों की तरह ढह कर ध्वस्त हो गया। स्थानीय लोगों में इस निर्माण कार्य को लेकर भारी आक्रोश है।
मेंटेनेंस और रिपेयरिंग के नाम पर ‘करोड़ों का वारा-न्यारा’।
यह खेल सिर्फ नए निर्माण तक ही सीमित नहीं है। सूत्रों का कहना है कि एनीकट और विभागीय ढांचों के मेंटेनेंस (रखरखाव) और रिपेयरिंग (मरम्मत) के नाम पर हर साल करोड़ों रुपयों का वारा-न्यारा किया जा रहा है। कागजों पर रिपेयरिंग दिखाकर मोटी रकम सीधे अफसरों और ठेकेदारों की जेब में जा रही है, जबकि जमीन पर हकीकत जस की तस या उससे भी बदतर है।
जनता पूछ रही सवाल:
पहली ही बारिश में बह जाने वाले इस एनीकट के निर्माण की जांच कब होगी?
भ्रष्ट ठेकेदार और उसे शह देने वाले अफसरों पर आखिर कब गिरेगी गाज?
क्या मुख्यमंत्री इस पूरे सिंडिकेट और सचिव स्तर पर चल रहे इस खेल पर संज्ञान लेंगे?







