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जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के खिलाफ प्रदेशभर में पत्रकारों ने खोला मोर्चा

प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री के नाम संजीव तिवारी के खिलाफ़ सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग में अपर संचालक संजीव तिवारी की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ‘प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन’ ने प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन ने मामले की उच्च-स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

संजीव तिवारी पर 40 से 50 % तक विज्ञापन में कमिशन लेने और टेंडर प्रक्रिया में बड़े घोटाले का आरोप

एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि संजीव तिवारी के
कार्यकाल में विज्ञापन वितरण और निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं।विभाग में 40% से 50% तक कमीशनखोरी की शिकायतें सामने आई हैं।इन वित्तीय अनियमितताओं की उच्च-स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

दो दशक से एक ही पद पर बने रहने पर सवाल।

ज्ञापन में इस बात पर आश्चर्य जताया गया है कि संजीव तिवारी पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से रायपुर में जनसंपर्क विभाग के महत्वपूर्ण पदों पर कैसे काबिज हैं।एसोसिएशन ने प्रशासन से यह जांचने की मांग की है कि क्या इस दौरान सभी प्रशासनिक नियमों और स्थानांतरण नीतियों का पालन किया गया है।जांच को निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से, एसोसिएशन ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक संजीव तिवारी को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटाया जाए या उनका स्थानांतरण किया जाए।

अभय शाह प्रकरण: सुरक्षा और न्याय की मांग।

ज्ञापन में ‘बुलंद छत्तीसगढ़’ के समाचार पत्र वितरक अभय शाह के मामले को प्रमुखता से उठाया गया है 9 अक्टूबर 2025 को अभय शाह के साथ हुई घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।चूंकि संजीव तिवारी के खिलाफ अभय शाह का मामला न्यायालय में विचाराधीन है,इसलिए यह आशंका जताई गई है कि अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर मामले को प्रभावित कर सकते हैं।एसोसिएशन ने उल्लेख किया है कि पूर्व में जनसंपर्क कार्यालय के भीतर हत्या का प्रयास हुआ था, इसलिए अभय शाह की जान की सुरक्षा के लिए उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है।

केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग और 15 दिन का अल्टीमेटम।

‘प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन’ के प्रदेश प्रधान महासचिव राहुल कुमार मिश्रा और अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की जांच राज्य स्तरीय विशेष जांच दल (SIT), आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW), या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग से भी संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच का आग्रह किया गया है।एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन गंभीर आरोपों पर कार्रवाई नहीं की गई और इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे सक्षम न्यायालय और अन्य वैधानिक प्राधिकरणों के समक्ष कानूनी कार्यवाही करेंगे।

Buland Chhattisgarh

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