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आखिर भाजपा की सरकार में ही क्यों पेपर लीक होते हैं : विकास

रायपुर । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि नीट और नेट की परिक्षाओं में हुई धांधली को लेकर आमजनमानस काफी ज्यादा आक्रोशित हो रहे हैं। व्यापम से नीट तक और नीट से नेट तक आखिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार में ही क्यों परीक्षायें लीक होते हैं? देश का भविष्य जिनके कंधों पर खड़ा होने वाला है उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार में हो रहा है और ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं बल्कि बहुत ही बड़ा अपराध है और बड़ा क्राईम है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद इंस्टीट्यूट जितने भी शैक्षणिक संस्थायें, और वे सभी संस्थायें जो ऐसे परीक्षाओं को आयोजित करते हैं उनमें एक ही विचारधारा के लोगों का अपॉइनमेंट होना अपने आप में एक संदेह का विषय है। नीट की परीक्षा 23 लाख लोगों ने दी हर साल परीक्षायें होती है और 20 लाख से ज्यादा लोग परीक्षा देते हैं, जिसमें एक लाख लोगों का चयन होना है, लेकिन जब से केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है पेपर लीक और परीक्षा में धांधली लगातार हो रही है, जिसके खिलाफ लोग आवाज उठा रहे हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार कुछ नहीं कर पा रही है। बड़ी-बड़ी बात करके सिर्फ और सिर्फ लोगों की आवाज दबा रहे हैं लेकिन इस महत्वपूर्ण धांधली और पेपर लीक पर थोड़ा भी लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। 23 लाख परीक्षार्थियों के परिजन जो अपने घरों को छोड़कर अलग-अलग प्रदेश में जाकर अपने बच्चों को कोचिंग दिलवाते हैं, ताकि उनका सिलेक्शन अच्छे कॉलेज में हो सके, लेकिन पेपर लीक की वजह से उनका एडमिशन नहीं हो पाता और ऐसे में परिजन की आर्थिक स्थिति पर असर तो पड़ता ही है साथ ही स्टूडेंट्स का पूरा साल बर्बाद हो जाता है और मनोबल भी समाप्त हो जाता है। रैंक 0.01 से भी नीचे कम होता है, पर भारतीय जनता पार्टी के नेता और मंत्री इस पर उच्च स्तरीय जाँच कमेटी की बात करते हैं, जिन लोगों का 0.01 से नंबर कम होता है उनके पढ़ाई-लिखाई और भविष्य को कोई तय नहीं करता है।

विकास उपाध्याय ने बताया कि नेट की परीक्षा 09 लाख लोगों ने दी, लोग नेट की परीक्षा से प्रोफेसर बनते हैं। नेट की परीक्षा का पेपर लीक होने का मतलब है जो लोग पढ़ाने जा रहे हैं जो लोग संस्थाओं को चलाते हैं उनको पढ़ाने वालों का पेपर लीक होना। जो अपने आप में ये भी एक बड़ी बात है। छत्तीसगढ़ में पाँच विश्वविद्यालय को ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है क्यों? क्योंकि इन संस्थाओं में जो कुलपतियों का अपॉइनमेंट होता है उनकी चतुराई और उनकी क्षमता से नहीं बल्कि उनकी विचारधारा से होता है, एनटीए नेशनल टीचिंग एजेंसी जो नीट और नेट की परीक्षाओं को कराती है इनके डायरेक्टर और जो भी इनके तमाम कर्ताधर्ता हैं उनके इतिहास को खंगालने की आवश्यकता है किस विचारधारा के वे लोग हैं उनको समझने की आवश्यकता है। साथ ही साथ जो नीट और नेट की परीक्षा में धांधली सामने आई उसमें केन्द्र, सुप्रीटेंडेंट, ऑब्जर्वर, और केन्द्र की जगह को डिसाइड करने वाले ये तमाम वो लोग हैं जो लोग संदेह के दायरे में हैं, भारतीय जनता पार्टी के नेता और मंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

इसी को लेकर रायपुर में आज आन्दोलन हुआ, साथ ही कांग्रेस पार्टी ने देश में एक-एक जगह नीट और नेट की परीक्षाओं में हो रही धांधली पर आन्दोलन कर भाजपा सरकार के प्रति विरोध प्रकट किया। उन्होंने आगे कहा कि जो बच्चे नीट में विफल हुए वो सदमें में आत्महत्या कर रहे हैं इसलिए इस प्रकरण में हत्या के लिए उकसाने का भी मामला दर्ज हो। विकास उपाध्याय ने छात्रों की इस लड़ाई में राहुल गांधी जी को धन्यवाद कहा कि उन्होंने प्रारंभ से ही नीट और नेट की परिक्षाओं में हो रही पेपर लीक मामले में बात कही और लोकसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में भी कांग्रेस ने कहा था कि परिक्षाओं में पेपर लीक पर बड़ा रोक लगाने के लिए नया कानून बनाया जाएगा। चाहे गुजरात हो, चाहे मध्यप्रदेश हो, चाहे नीट और नेट की परीक्षा हो ये तमाम प्रकार की धांधली और बड़ा क्राईम भारतीय जनता पार्टी की सरकार में किया जा रहा है। विकास उपाध्याय ने बताया कि परीक्षार्थियों का 400 करोड़ रूपये नीट की परीक्षा में खर्चा हुआ और नेट की परीक्षा में 110 करोड़ रूपये खर्चा हुआ।

Vanshika Pandey

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