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Press Council Of India : भारतीय प्रेस परिषद् 

प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया (Press Council of India) भारत की अग्रणी पत्रकारिता संगठन है। यह संगठन न केवल पत्रकारों और मीडिया संस्थाओं के हितों की रक्षा करता है, बल्कि समाचार मीडिया की निष्पक्षता और सत्यता को बनाए रखने के लिए भी जिम्मेदार है।

प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया को 1966 में स्थापित किया गया था। यह संगठन भारत के सभी प्रकाशनों, समाचार एजेंसियों, टीवी चैनलों और रेडियो स्टेशनों के लिए अधिकारिक नियंत्रण संगठन के रूप में काम करता है।

प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा संचार माध्यमों के लिए निर्धारित नीतियों, संरचनाओं और आचार संहिताओं का पालन किया जाता है। इसके अलावा, इस संगठन के अंतर्गत शिकायतें भी संभाली जाती हैं जो समाचार मीडिया की निष्पक्षता और सत्यता के खिलाफ होती हैं।

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प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित नीतियों के अनुसार, समाचार मीडिया को सत्यता और निष्पक्षता के साथ समाचारों को प्रकाशित करना होता है।

Charactreistics Of Press Council Of India

प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया की विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  1. स्वायत्तता: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया एक स्वायत्त संगठन है जो केंद्र सरकार या राज्य सरकार से आर्थिक मदद नहीं लेता है।
  2. निष्पक्षता: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया स्वतंत्र और निष्पक्ष होता है और उन्हें किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रखा जाता है।
  3. नियंत्रण: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया समाचार मीडिया की नियंत्रण संगठन होता है। यह संगठन समाचार मीडिया को नियंत्रित नहीं करता है, बल्कि समाचार मीडिया की नियंत्रण पर नजर रखता है ताकि समाचार मीडिया अपने काम को निष्पक्षता और वास्तविकता के साथ कर सके।
  4. न्यायपालिका: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया एक न्यायपालिका के रूप में काम करता है। इसका मकसद उन संगठनों और लोगों की सुनवाई करना होता है जो समाचार मीडिया की निष्पक्षता और सत्यता के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हैं।

Advantages of Press Council Of India

प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के कुछ महत्वपूर्ण लाभ निम्नलिखित हैं:

  1. स्वायत्तता: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया स्वायत्त संगठन है जो निष्पक्षता और सत्यता को बनाए रखने में मदद करता है। यह संगठन अपने संदर्भ में अपने निर्णयों और सिद्धांतों को स्थायी बनाता है।
  2. निष्पक्षता: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया निष्पक्ष संगठन है जो समाचार मीडिया के निष्पक्षता और विश्वसनीयता के प्रति सतर्क रहता है।
  3. न्यायपालिका: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया समाचार मीडिया से संबंधित शिकायतों की जांच करने में सक्षम होता है। यह संगठन निष्पक्ष रूप से विवादों को हल करने का काम करता है और समाचार मीडिया को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाए रखने में मदद करता है।
  4. समाचार मीडिया के संबंध में जागरूकता: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया निष्पक्षता और सत्यता के प्रति समाचार मीडिया को जागरूक करता है।

Disadvanatges Of Press Council Of India

प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के कुछ दुष्प्रभाव निम्नलिखित हैं:

  1. संगठन की सीमाएं: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया की सीमाएं कई बार निर्णय लेने में बाधा बन सकती हैं। इसकी सीमाएं कई बार समाचार मीडिया की स्वतंत्रता के विरुद्ध दिखाई देती हैं।
  2. स्वायत्तता की कमी: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया स्वायत्त संगठन होता है, जिसके कारण इसकी स्वायत्तता की कमी हो सकती है। इसके सिद्धांतों और निर्णयों को कई बार सरकार के दबाव में नहीं रखा जा पाता है।
  3. संगठन के निर्णयों पर असर: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के निर्णयों पर कई बार समाचार मीडिया का असर पड़ता है। इसकी वजह से संगठन के निर्णय अन्यायपूर्ण या निष्पक्षता के बारे में संदेह उत्पन्न कर सकते हैं।
  4. दंडों की कमी: प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के पास कानूनी दंडों की कमी होती है। यदि समाचार मीडिया निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है तो संगठन के पास उसको दंड देने की विधि नहीं होती

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