पत्रकार से मारपीट और झूठी FIR का मामला गरमाया बुलंद छत्तीसगढ़ के संपादक के परिवार और पत्रकारों ने सौंपी निष्पक्ष जांच की मांग
रायपुर। राजधानी में एक बार फिर सत्ता के गलियारों में पत्रकार उत्पीड़न का मुद्दा गूंज उठा है। पत्रकार से मारपीट और झूठे FIR प्रकरण के विरोध में पत्रकार जगत उबल पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय में कार्यरत एक अधिकारी पर आरोप है कि उसने न केवल पत्रकार से हाथापाई की, बल्कि उस पर झूठी FIR दर्ज करवाने की साजिश भी रची। इतना ही नहीं, पुलिस ने बुलंद छत्तीसगढ़ के संपादक के घर पहुंचकर विधिविरुद्ध और बर्बर कार्रवाई करते हुए परिवार को दहशत में डाल दिया।
इस अन्याय के विरोध में संपादक मनोज पांडेय की पत्नी, बच्चे और प्रदेशभर से आए पत्रकार साथियों ने एकजुट होकर राजधानी रायपुर में कलेक्टर, एसपी और गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

पत्रकारों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
कलम की आवाज़ को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के गले पर वार है,” — एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा।
सूत्रों के अनुसार, मीडिया संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे पत्रकारीय स्वतंत्रता पर हमला बताया है।







