छत्तीसगढ़

राजिम कुंभ कल्प 2024 मेला के दूसरे दिन रविवार को रही भारी भीड़

गरियाबंद । राज्य शासन द्वारा राजिम मेले का नाम राजिम कुंभ कल्प किए जाने उपरांत 24 फरवरी से राजिम के त्रिवेणी संगम पर संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की मौजूदगी में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हो चुकी है। राजिम कुंभ कल्प मेला के दूसरे दिन रविवार को लोगों की भारी भीड़ रही। रविवार अवकाश होने के कारण सुबह से ही लोगो का आना-जाना शुरू हो गया। चूंकि इस बार मेला का आयोजन रामोत्सव के रूप में नए स्वरूप में मनाया जा रहा है। लोग अपनी सुविधा के अनुसार राजिम पहुंचकर मेला का आनंद ले रहे हैं। मेला में पहुंचने वाले लोग सबसे पहले भगवान श्री राजीव लोचन और श्री कुलेश्वर महोदव मंदिर के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर में दर्शन करने के बाद लोगों की भीड़ नदी में लगे विभिन्न स्टाल प्रदर्शनी की ओर पहुंच रही हैं। यहां शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी स्टॉल में मौजूद अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा दी जा रही है। कुलेश्वर महादेव मंदिर के पास बने सांस्कृतिक मंच में स्थानीय कलाकारो के कार्यक्रम को देखने के लिए सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पूरा मंच स्थल दर्शकों से भरा रहा। राजिम कुंभ मेले में स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के भरपूर अवसर मिल रहे है। जिससे मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छंटा बिखर रही है। नदी परिसर में ही विभिन्न भंडारे में लोगों को भोजन की सुविधा भी उपलब्ध हो रही है। इधर मीना बाजार में झूला, खिलौने की दुकान, मौत की कुंआ, आईसक्रीम, पानी पुरी, भेल और की दुकान में अपने पसंद की चीजे लेने के लिए एकत्रित हो रहे है। संध्याकालीन महानदी आरती के लिए हजारों की संख्या में भक्तजन उपस्थित होकर महानदी की आरती में शामिल हो रहे हैं। रामोत्सव पर आधारित राजिम कल्प कुंभ मेला में स्थानीय कलाकारों को ज्यादा से ज्यादा समय मिल पाए इसके लिए कुलेश्वर महादेव मंदिर के अलग से मंच बनाया गया, जहां प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक स्थानीय कलाकारों का कार्यक्रम हो रहा है। मेला के दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरूआत ग्राम भसेरा फिंगेश्वर के घनश्याम साहू द्वारा रामायण के माध्यम से दर्शको को राम-लीलाओ का ऐसा विस्तृत व्याख्यान किया कि दर्शक भी जय श्रीराम के नारे लगाने लगे।

श्री राम की रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र

वैसे मनुष्य के पास हुनर की कमी नहीं हैं जरूरत हैं तो उसे अवसर प्रदान करने की। ऐसे ही एक अद्भुत कलाकृति को देखकर दर्शको के मुख से अनायास ही निकल रहा वाह क्या कला हैं। इस कलाकृति को जिसने भी बनाया हैं उसमें कल्पनाओं की अथाह समंदर हैं जिससे उन्होंने विभिन्न रंगो की रंगोली के प्रयोग से जीवंत चित्र उकेर दिए। मुख्य मंच के पास एक किनारे में दीपक शर्मा, भोजराज धनगर, सिद्धार्थ सोनी, ऋषभ शर्मा ने अयोध्या के श्री राम की बहुत ही मनमोहक तेजस्वी और मुस्कान लिए रंगीली बनाई हैं, जिसमें रंगो का संयोजन बहुत बारीकी से किया गया है। इस रंगोली को सुरक्षित घेरे में रखा गया हैं, जो भी यहां से गुजर रहे से इस सुंदर कलाकारी को देख अपनी मोबाइल में रिकार्ड कर रहे हैं। राजिम कुंभ में यह आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ हैं।

मेला स्थल में स्वास्थ्य कैंप से लोग हो रहे लाभान्वित

राजिम कुंभ कल्प 2024 मेला में आने वाले समस्त श्रद्धालुओं के उत्तम स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा मेला स्थल में गरियाबंद, रायपुर और धमतरी जिले द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य कैंप लगाया गया है। मेला स्थल में 10-10 बिस्तरों का अस्थायी अस्पताल बनाया गया है। अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ और लैब टेक्नीशियन पदस्थ किए गए हैं। जिससे लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधाएं मिल रही है। साथ ही जरूरतमंदों को आवश्यकतानुसार दवाइयों का भी वितरण किया जा रहा है। कैंप में पहुंचने वाले मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार पर्याप्त ईलाज देने की संपूर्ण व्यवस्था है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक अस्थायी अस्पताल में पैथोलॉजी लैब सहित ऑक्सीजन सिलेण्डर, इसीजी की व्यवस्था की गई है। ताकि आपालकालीन स्थिति में भी मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सके।

पहले दिन अनुराधा पौडवाल की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने शमा बंधा

राजिम कुंभ शुभारंभ अवसर पर पहले दिन सांस्कृतिक मुख्य मंच पर अनुराधा पौडवाल के कर्णप्रिय भजन और ‘गीतक दर्शन’ के नृत्य नाटिका की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मुम्बई से पहुंची अनुराधा पौडवाल और उसकी पुत्री कविता पौडवाल ने भक्तिपूर्ण गीत की शानदार प्रस्तुति दी। मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा…… तुने मुझे बुलाया शेरा वालिए…. जैसे गीतों ने भक्तिमय माहौल बना दिया। श्रीरामलाला पर आधारित मेरे झोपड़ी के भाग्य आज खुल जायेंगे……. गीत पर दर्शकों ने जय श्री राम के नारे लगाए। मुख्य मंच पर अंतिम प्रस्तुति मुम्बई के गीतासार की टीम द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। कलाकारों ने भगवान विष्णु के अवतारों की जीवंत प्रस्तुत दी। इसके माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि आत्मा अजर अमर है मनुष्य को कभी भी दुःख, शोक, संताप नहीं करना चाहिए और अपने कर्म करते रहना चाहिए।

राजिम कुंभ कल्प के तीसरे दिन 26 फरवरी को मुख्य मंच पर रंगसरोवर की रहेगी धूम

राजिम कुंभ कल्प 2024 मेला में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में तीसरे दिन सोमवार को मुख्य मंच में शाम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण बारूका के भूपेंद्र साहू कृत रंग सरोवर की प्रस्तुति होगी। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले पारंपरिक छत्तीसगढ़ी गीत संगीत से मुख्य मंच पर छत्तीसगढ़ी सभ्यता और संस्कृति की धूम रहेगी। इसके अलावा मुख्य मंच पर विजय चंद्रकार द्वारा तिहार लोकमंच और छत्तीसगढ़ की प्रसिध्द गायिका सुश्री तारा साहू के रंग-तरंग लोकमंच की प्रस्तुति होगी। मंच पर इंडियन रोलर बैंड के रोहन नायडू और थर्डजेंडर रतनपुर के स्वारागिनी डांस की प्रस्तुति होगी।

Vanshika Pandey

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