कब बदल लेनी चाहिए अपनी नौकरी ?

Published By- Komal Sen
नौकरी मिलना आसान काम नहीं. खासकर ज्यादा आबादी वाले देशों में रोजगार की दिक्कत हमेशा से एक गंभीर समस्या बनी हुई है. आज भी हर कोई अच्छी नौकरी (Job) तलाशने के साथ ग्रोथ के अच्छे मौके ढ़ूढता है. वहीं बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिनका फोकस हमेशा अपनी नौकरी बचाकर रखने में होता है. प्राइवेट सेक्टर (Private Sector) वाले अधिकतर कर्मचारी बेहतर सैलरी के पीछे भाग रहे होते हैं, जो कि उनके करियर (Career) के लिए कई बार मुश्किल खड़ा कर देता है. वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें अक्सर नई नौकरी (New Job) के मौके मिलते रहते हैं लेकिन वो जॉब चेंज (Job Change) का फैसला नहीं ले पाते. ऐसे में आइए बताते हैं कि आपको कब अपनी नौकरी यानी कंपनी बदल ही लेनी चाहिए.
‘ग्रोथ की संभावना न हो’

जागरूक नौकरीपेशा लोगों के मन में सवाल आता होगा कि कैसे पता चलेगा कि वो जिस कंपनी में हैं उसकी कितनी ग्रोथ है, और भविष्य में खुद की ग्रोथ का कितना चांस हैं. यह जानने के लिए आपको समझना होगा कि अगर आपकी जॉब लगातार घिसे-पिटे पुराने ढ़र्रे या लीक पर चल रही है यानी कंपनी आपको नए आईडिया पर काम नहीं करने दे रही तो इसे पहला संकेत मान सकते हैं कि आपको नौकरी बदलने का मन बना लेना चाहिए. वहीं ध्यान दें कि कंपनी अपने काम का विस्तार कर रही है नहीं. क्योंकि कंपनी आगे बढ़ती है तो आपको क्षमता दिखाने यानी ग्रोथ पाने की संभावना बढ़ जाती है. अगर आपको पता चले कि कंपनी कुछ नया नहीं करने जा रही तो भी नई नौकरी की तलाश शुरु कर देनी चाहिए.
‘काम के मुताबिक ना हो सैलरी’
आपको पहले से तय किए गए काम के अलावा नई-नई जिम्मेदारियां दे दी जाएं. और आप बिना किसी सवाल के मन मारकर वो काम कर रहे हों और ऐसा काफी समय से चल रहा हो, लेकिन कंपनी काम के मुताबिक आपकी सैलरी न बढ़ा रही हो ऐसे में आप अपनी कंपनी से सैलरी बढ़ाने की डिमांड कर सकते हैं और ना मिलने पर दूसरी नौकरी तलाश सकते हैं.
‘ओवर क्वालिफाइड हों तो’

अगर आपको एंट्री लेवल पर काम करने का मौका मिलता है तो आपको इसे नहीं छोड़ना चाहिए। वहीं जब आपके पास बताने लायक कुछ अनुभव हो तो उस क्षमता के अनुसार नए पद के लिए प्रयास करना शुरू कर देना चाहिए। इससे आपको अपने करियर को एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। क्योंकि जब आप एक कंपनी से दूसरी कंपनी में नौकरी बदलते हैं, तो आपको नए लोगों, नई तकनीकों और सॉफ्टवेयर के साथ बहुत सारे नए कौशल सीखने को मिलते हैं, जो भविष्य के करियर में बहुत उपयोगी हो सकते हैं।
‘उचित व्यव्हार न हो तो’
कई बार जब कंपनी के प्रबंधन में बदलाव होता है तो वहां काम करने वाले कुछ कर्मचारी बेहूदा व्यवहार करने लगते हैं। गलती न होने पर भी वे सवाल पूछने लगते हैं। उन्हें बार-बार प्रताड़ित किया जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आप राल को मारने के बारे में सोच सकते हैं। क्योंकि ऐसे में आपकी ग्रोथ रुक जाती है। ऐसे में तुरंत जॉब बदलें।
‘कंपनी डूबने वाली हो तो’

वहीं जब आपकी कंपनी आर्थिक संकट से गुजर रही होती है तो वहां के कर्मचारियों पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। ऐसे में आपको कंपनी में छंटनी के बारे में सोचने से पहले नई नौकरी की तलाश तेज करनी चाहिए और मौका मिलते ही नौकरी बदलना तत्काल और लंबी अवधि की दोनों स्थितियों के लिए फायदे का सौदा बन जाता है।







