मुखिया अब मुश्किल में, सिद्दीकी अपनी मस्ती में
दबेना एनिकट में लाखों के खेल पर पर्दा क्यों?
छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग का मुखिया स्वयं मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai हैं। उनके ही गृह जिला जशपुर में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता जामनिक पर ठेकेदार द्वारा जमा किए गए FIR/TDR रिलीज करने के मामले में एफआईआर दर्ज हो सकती है, तो फिर बिलासपुर संभाग के कोटा डिवीजन के दबेना एनीकट मामले में वही काम करने वाले तत्कालीन कार्यपालन अभियंता और वर्तमान अधीक्षण अभियंता सिद्दीकी पर कार्रवाई क्यों नहीं?

दबेना एनीकट निर्माण कार्य में सिर्फ FIR/TDR रिलीज का मामला ही नहीं, बल्कि डीजल भुगतान में भी भारी गड़बड़ी सामने आई है। करीब 3 साल पहले जब डीजल का बाजार भाव लगभग 95 रुपये था, तब ठेकेदार को 152 रुपये प्रति लीटर की दर से भुगतान कर दिया गया। इस फैसले से ठेकेदार को सीधा फायदा और शासन को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी गंभीर शिकायतें होने के बावजूद आज तक तत्कालीन कार्यपालन अभियंता एवं वर्तमान अधीक्षण अभियंता सिद्दीकी और संबंधित ठेकेदार पर कोई एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई?
जब विभाग के मुखिया खुद मुख्यमंत्री हैं और उनके ही विभाग में एक अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई और दूसरे पर रहस्यमयी चुप्पी बनी हुई है, तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सिद्दीकी पर मेहरबानी क्यों?
अब देखना यह है कि दबेना एनीकट घोटाले में सिद्दीकी पर भी FIR होगी या फिर FIR/TDR और डीजल भुगतान के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल ऐसे ही चलता रहेगा…




