चीन का तनाव अपने पुरे चरम पर
चीन ने ताइवान के 6 तरफ से बरसाई बारूद की बारिश, नैंसी पेलोसी ने भी दिया मुंहतोड़ जवाब, तनाव चरम पर

PUBLISHED BY : Vanshika Pandey
चीन की ओर से तमाम खतरों को नज़रअंदाज करते हुए अमेरिकी संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के ताइवान पहुंचने पर ड्रैगन बुरी तरह भड़क गया है और उसने ताइवान को घेर लिया है. चीनी सेना ने डराने-धमकाने की कवायद के नाम पर ताइवान के आसपास 6 जगहों से मिसाइलों और गोला-बारूद की बारिश शुरू कर दी है. चीनी सेना की ईस्टर्न थिएटर कमांड ने बुधवार सुबह से संयुक्त सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। इस बीच चीन की धमकियों के बावजूद नैंसी पेलोसी ताइवान की संसद पहुंच गई हैं। ताइवान की संसद में अपने भाषण में उन्होंने तियामेन स्क्वायर नरसंहार का जिक्र करते हुए चीनी सरकार पर जोरदार हमला बोला है.
पेलोसी ने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में शांति के लिए आया है और वह ताइवान का पूरा समर्थन करेगा। पेलोसी ने कहा कि वह ताइवान की अच्छी दोस्त के रूप में वर्णित होने पर सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ताइवान आने के उनके तीन मुख्य उद्देश्य हैं। पहली सुरक्षा है, हमारे लोगों के लिए वैश्विक सुरक्षा के लिए सुरक्षा। दूसरी अर्थव्यवस्था जितना हो सके समृद्धि फैला रही है। और तीसरा है सुशासन। उन्होंने कहा कि दोनों संसदों के बीच और बातचीत होगी और इसके लिए विशेष तरीके निकाले जाएंगे।
PLA ने ताइवान के आसपास सैन्य अभियान शुरू किया
पेलोसी उन तीन अमेरिकी अधिकारियों में से एक हैं, जिन्होंने 1991 में चीनी नरसंहार के बाद तियामन स्क्वायर का दौरा किया था। पेलोसी ने चीन के व्यापार को डराने और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण पर चिंता व्यक्त की। पेलोसी पिछले 25 वर्षों में अमेरिका के शीर्ष अधिकारी हैं। इस बीच चीन की सेना पीएलए ने ताइवान के आसपास 6 जगहों से अपना लाइव फायर ड्रिल और लक्षित सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। चीन की न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने यह जानकारी दी है। इस अभ्यास में चीनी सेना के लड़ाकू जेट, युद्धपोत और अन्य घातक हथियार हिस्सा ले रहे हैं।
पहले आशंका थी कि चीन पेलोसी के विमान को रोकने की कोशिश करेगा, लेकिन दर्जनों अमेरिकी लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों की सुरक्षा में पहुंचे अमेरिकी स्पीकर को ड्रैगन ने रोकने की हिम्मत नहीं की. इस बीच उसने लाइव फायर ड्रिल के अलावा ताइवान को रेत के निर्यात पर भी रोक लगा दी है। इतना ही नहीं चीन ने कड़े कदम उठाते हुए ताइवान से कई तरह के आयात पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. चीन के विदेश मंत्रालय ने पेलोसी की यात्रा को “महान राजनीतिक उकसावे वाला कार्य” कहा है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि जो आग से खेल रहे हैं वे बर्बाद हो जाएंगे।







