छत्तीसगढ़

CGMSC घोटाला : 700 करोड़ के भ्रष्टाचार में तीन IAS पर शिकंजा, जांच में बड़े खुलासे के संकेत…

भ्रष्ट अधिकारियों पर गिर सकती है गाज…!

1000 करोड़ तक पहुंच सकता है घोटाले का आंकड़ा!

पूर्व सरकार में था जलवा, अब खतरे में कुर्सी!

छत्तीसगढ़ की जनता अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या भ्रष्ट अधिकारियों को सच में सजा मिलेगी, या यह मामला भी राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा?

ACB और EOW की निष्पक्ष जांच से आने वाले दिनों में बड़े धमाकेदार खुलासे होने तय माने जा रहे हैं।

रायपुर।छत्तीसगढ़ में कोल घोटाले के बाद सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) घोटाला, जिसमें 700 करोड़ से अधिक की अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। कम कीमत के मेडिकल सामानों को 1000 गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी चूना लगा। विधानसभा में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा, और अब मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है।

तीन IAS अधिकारियों पर शिकंजा, पूछताछ शुरू

इस घोटाले में अब तक तीन IAS अफसरों के नाम सामने आ चुके हैं भीम सिंह, चंद्रकांत वर्मा और पद्मिनी भोई साहू। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सरकार से इन अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी। अब तीनों को समन जारी कर जांच के लिए बुलाया गया है।

IAS भीम सिंह से पूछताछ का सिलसिला शुरू हो चुका है। गुरुवार को उनसे चार घंटे से अधिक समय तक गहन पूछताछ हुई। हालांकि, अभी तक जांच एजेंसी को मिली जानकारी का खुलासा नहीं हुआ है।

IAS चंद्रकांत वर्मा से छह घंटे की पूछताछ

इससे पहले IAS चंद्रकांत वर्मा, जो वर्तमान में कलेक्टर के पद पर हैं, से लगभग छह घंटे तक पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि उनके कार्यकाल में कई विवादास्पद टेंडर जारी हुए और करोड़ों का सामान खरीदा गया था। जांच एजेंसी को उनसे महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सूत्रों का कहना है कि CGMSC में जो भी पदस्थ रहा, वह भारी मुनाफे के साथ ही निकला।

भ्रष्ट अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

अब बारी CGMSC की मौजूदा MD पद्मिनी भोई साहू की है। उन्हें भी जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री इस घोटाले से बेहद नाराज हैं और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के पक्ष में हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने भी कहा है कि सुशासन की सरकार में भ्रष्ट अफसरों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।

1000 करोड़ तक पहुंच सकता है घोटाले का आंकड़ा!

जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि अगर इस मामले की तह तक जाया जाए, तो यह घोटाला 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि इस भ्रष्टाचार में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

पूर्व सरकार में था जलवा, अब खतरे में कुर्सी!

सूत्रों के अनुसार, भूपेश सरकार के कार्यकाल में इन तीनों IAS अफसरों का दबदबा था। स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों का खेल खेला गया, जिसमें टेंडर प्रक्रिया से लेकर खरीदी तक में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। अब जब ACB और EOW ने जांच को तेज कर दिया है, तो जल्द ही इस घोटाले से जुड़े और बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ की जनता अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या भ्रष्ट अधिकारियों को सच में सजा मिलेगी, या यह मामला भी राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा? ACB और EOW की निष्पक्ष जांच से आने वाले दिनों में बड़े धमाकेदार खुलासे होने तय माने जा रहे हैं।

Vanshika Pandey

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