हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त का समय बेहद ही शुभ माना जाता है
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त का समय बेहद ही शुभ माना जाता है
इस समय पूजा-पाठ या फिर किसी भी शुभ कार्य को करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
इस समय पूजा-पाठ या फिर किसी भी शुभ कार्य को करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
ब्र
ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-अर्चना करने या फिर ध्यान लगाने से मन को शांति मिलती है साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है
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ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-अर्चना करने या फिर ध्यान लगाने से मन को शांति मिलती है साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है
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ब्रह्म मुहूर्त में उठने से मां लक्ष्मी (मां लक्ष्मी की पूजा के नियम) घर में वास करती हैं। घर की दरिद्रता दूर हो जाती है।
ब्रह्म मुहूर्त में उठने से मां लक्ष्मी (मां लक्ष्मी की पूजा के नियम) घर में वास करती हैं। घर की दरिद्रता दूर हो जाती है।
जो व्यक्ति ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करता है, उसे विद्या, बुद्धि, बल, आरोग्य, सुख, शांति आदि की प्राप्ति होती है.
जो व्यक्ति ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करता है, उसे विद्या, बुद्धि, बल, आरोग्य, सुख, शांति आदि की प्राप्ति होती है.
ब्रह्म मुहूर्त के समय मन में नकारात्मक भावना को नहीं लाना चाहिए। इससे मानसिक तनाव उत्पन्न होता है।
ब्रह्म मुहूर्त के समय मन में नकारात्मक भावना को नहीं लाना चाहिए। इससे मानसिक तनाव उत्पन्न होता है।
धार्मिक शास्त्रों, वेद पुराणों और हमारे ऋषि-मुनियों ने ब्रह्म मुहूर्त में उठना अत्यंत लाभकारी बताया है
धार्मिक शास्त्रों, वेद पुराणों और हमारे ऋषि-मुनियों ने ब्रह्म मुहूर्त में उठना अत्यंत लाभकारी बताया है
यदि आप ब्रह्म मुहूर्त में उठते हैं तो आपको सौंदर्य, बल, विद्या, बुद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है
यदि आप ब्रह्म मुहूर्त में उठते हैं तो आपको सौंदर्य, बल, विद्या, बुद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है
मान्यता के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर पूजा पाठ करने से हमारी प्रार्थना सीधे पर्मात्मा तक पहुंचती है
मान्यता के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर पूजा पाठ करने से हमारी प्रार्थना सीधे पर्मात्मा तक पहुंचती है
सुबह 4 से 5:30 तक का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है
सुबह 4 से 5:30 तक का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में की गई भगवान की पूजा का फल जल्द ही प्राप्त होता है. इस समय सोना वर्जित माना जाता है.
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में की गई भगवान की पूजा का फल जल्द ही प्राप्त होता है. इस समय सोना वर्जित माना जाता है.