कार्तिक पूर्णिमा पर यानी कि देव दिवाली की रात शिव के निमित्त दीप प्रज्वलित करने पर उन्नति के रास्ते खुल जाते हैं

धन से संबंधित परेशानियों का निवारण हो जाता है

दीपदान करने पर यम, शनि, राहु और केतु के बुरे प्रभाव कम हो जाते हैं

. मां लक्ष्मी की कृपा से धन लाभ होता है

अकाल मृत्यु से बचने के लिए करते हैं दीपदान

अपने मृ‍तकों की सद्गति के लिए करते हैं दीपदान

लक्ष्मी माता और भगवान विष्णु को प्रसन्न कर उनकी कृपा हेतु करते हैं दीपदान

माना जाता है कि कार्तिक माह में आकाशमंडल का सबसे बड़ा ग्रह माना जाने वाला सूर्य अपनी नीच की राशि तुला में गमन करता है। इस वजह से वातावरण में अंधकार पांव पसारने लगता है